बीजेपी ‘दो सिन्हा नेताओं’ से परेशान, यशवंत ने आप के 20 विधायकों के निलंबन को कहा ‘तुगलकी फरमान’

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राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों के अयोग्य घोषित किए जाने को लेकर पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने इसे ‘तुगलकशाही’ करार दिया है।

उन्होने ट्वीट करते हुए कहा कि, राष्ट्रपति द्वारा आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित किया जाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। इस मामले में न कोई सुनवाई हुई न ही हाई कोर्ट के आदेश का इंतजार किया गया। यह एक प्रकार से तुगलकशाही का सबसे बदतर आदेश है।

तो वहीं दूसरी ओर शत्रुध्न सिन्हा भी इस फैसले के खिलाफ हो गए हैं और पार्टी के खिलाफ जाते हुए आप पार्टी का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ” ‘आप’ आए, ‘आप’ छाए, ‘आप’ ही ‘आप’ चर्चा में विछाए, घर-घर में, हर खबर में तो किस बात की फिकर ‘आप’ को? हितों की राजनीति ज्यादा नहीं चलती। चिंता मत करिए, खुश रहिए!” उन्होंने एक और ट्वीट में कहा कि उम्मीद है और प्रार्थना करते हैं कि आपको जल्द ही न्याय मिलेगा, ‘आप’ की टीम और खासकर ‘आप’ को बहुत बहुत बधाई।’

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दोनों यशवंत सिन्‍हा और शत्रुघ्न सिन्‍हा खुलकर आप के समर्थन में आगे आए हैं। उन्होंने ने कहा कि यह फैसला निश्चित रूप से चौंकाने वाला है। द्वय नेताओं ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि देश की संवैधानिक संस्‍थाए केंद्र सरकार की कठपुतली बन गईं हैं।

यशवंत सिन्हा इससे पहले भी केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोला था। इससे पहले सिन्हा ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मोहम्मद बिन तुगलक से कर दी थी।

बता दें कि, राष्ट्रपति ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की चुनाव आयोग की सिफारिश को स्वीकार कर लिया था,हालांकि इस मामले में हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है और ऐसे में अगर कोर्ट से राहत नहीं मिली तो इन 20 सीटों पर दोबारा चुनाव होना तय है।

दो कद्दावर भाजपा सिन्हा नेताओं ने पार्टीलाइन के विपरीत जाकर सरकार के साहसिक फैसलों नोटबंदी और जीएसटी के खिलाफ भी जमकर हो हल्ला कर चुके हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की कई मौकों पर खुलकर आलोचना की है।

यशवंत ने पार्टी प्रमुख अमित शाह के बेटे जयंत शाह की आय से अधिक संपति मामले में भी पार्टी की किरकिरी की थी।

यशवंत सिन्हा यहीं नहीं रुके कुछ दिन पहले उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि आज की भाजपा वह भाजपा नहीं रह गई है जो अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के वक्त थी।

अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा भी कई बार भाजपा के खिलाफ बोल चुके हैं।  उन्होने एक बार कहा था, अगर भाजपा ‘वन-मैन शो और टू-मैन आर्मी’ से बचती है तो ही वह लोगों की उम्मीदों पर खरी उतर पाएगी। उन्होंने भी नोटबंदी और जीएसटी की खूब आलोचना की थी। साथ ही मोदी के करीबी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को लगातार अपना निशाना बनाया था।

इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार पर प्रधानमंत्री मोदी के ‘कथन न खाऊंगा न खाने दूंगा’ की नकल करते हुए कहा कि मौजूदा समय यह ‘न जीऊंगा न जीने दूंगा’ बन गया है. उन्होंने पिछले साल नवंबर में आरोप लगाया कि मोदी के 90 फीसदी मंत्री चापलूस हैं।

शायद इन नेताओं को मोदी सरकार से बहुत आशाएं थी जो पूरी नही हो सकी। जहाँ तक कार्रवाई की बात है तो पार्टी आलाकमान अभी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, लेकिन आने वाले समय में दोनों लोंगो को कड़ा दंड मिले तो इसमें हैरानी नही होगी।

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हैरान करने वाली खबर, देश के 1 % लोंगो के पास 73 फीसदी संपत्ति।

पद्मावत का कई राज्यों में विरोध, एमपी और राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की पुन्रविचार याचिका।

अमेरिका दिवालिया होने के कगार पर, आर्थिक संकट के बाद कई लाख कर्मचारी छुट्टी पर।

 

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